John Steinbeck’s Of Mice and Men | Innocence | EkChaupal

John Steinbeck’s Of Mice and Men | Innocence | EkChaupal

बहुत मासूमियत भरी कहानी है Of Mice and Men की। शुरू में पता चल जाता है कि अंत में क्या होगा। पर तब भी पढ़ते गए ये सोचकर कि बदल जाएगा। ठीक यही पात्रों के साथ है। उन्हें पता है कि आगे क्या होगा, पर किसी वजह से वो दूसरी संभावना की आशा में जीते हैं और अंत में हार जाते हैं। यहां तक कि इस बात को स्वीकारते भी हैं।

If On A Winter’s Night a Traveller | Italo Calvino

If On A Winter’s Night a Traveller | Italo Calvino

If on a winter’s night a traveler, इटली के Nobel laureate लेखक Italo Calvino का उपन्यास है। ये 1979 में प्रकाशित हुआ था। उपन्यास का English में अनुवाद William Weaver ने किया है। नीचे लिखा विवरण उपन्यास की यात्रा की कहानी है।

धुंध से उठती धुन | निर्मल वर्मा की सक्रिय उम्मीद

धुंध से उठती धुन | निर्मल वर्मा की सक्रिय उम्मीद

‘धुंध से उठती धुन’ – निर्मल वर्मा की किताब है। जिसमें उनकी डायरी, उनके यात्रा वृतांत के दौरान लिखी हुई बातें, संस्मरण और बहुत सी चीजों पर एकांत में मंथन है। इस किताब में जिन बातों से सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं, उन्हें समझने की कोशिश में कुछ संवाद।

निर्मल वर्मा के बहाने – एक लेख

निर्मल वर्मा के बहाने – एक लेख

क्या हम कभी भी वैसा लिख पाते हैं जो हमने लिखने से पहले सोचा था कि हम ऐसा लिखेंगे? आखिर हमारा असल लेखन कौन सा होता है – जो हम सोचते वक़्त लिखते हैं या जो हम लिखते वक़्त सच में लिखते हैं? पर इस सवाल का यह जवाब कितना सही है कि असल में दोनों ही अपने अपने समय(क्षणों) का सत्य होते हैं और क्यूँकि सत्य क्षणिक होता है इसलिए दोनों ही अपने होने में पूरे और जीवित होते हैं उस वक़्त।

Adhuri Chizon Ka Devta – Geet Chaturvedi | The Third Eye of the Poet

Adhuri Chizon Ka Devta – Geet Chaturvedi | The Third Eye of the Poet

‘अधूरी चीजों का देवता’ गीत चतुर्वेदी की किताब है जो 2020 के दिसम्बर में प्रकाशित हुई थी। इसमें उनके निबंध हैं – कला, कविता, जीवन, प्रेम, लेखन, फिल्म और बहुत कुछ पर। और कुछ डायरी के अंश हैं। उस किताब में जिन बातों से प्रभावित हुए हैं उन पर कुछ संवाद।

निठल्ले की डायरी – हरिशंकर परसाई | निठल्ले – निठल्ले में फ़र्क है!

निठल्ले की डायरी – हरिशंकर परसाई | निठल्ले – निठल्ले में फ़र्क है!

जब तक पुरुष नारी को यह ना बता दे कि मैं जंगली जानवर भी हूँ, तब तक वह समझता है कि मेरी पूरी शख्सियत नहीं उभरी।

Letters To Felice | Franz Kafka

Letters To Felice | Franz Kafka

पढ़ने के बाद ऐसा लगा कि मुझसे कुछ छीन लिया गया है। कुछ बेहद निजी। इतने दिनों से कोई था जो साथ था और वो एक दम से किसी ने छीन लिया है या बिना बताए चला गया है। इतना खाली, इतना दुख हुआ कि बहुत देर हाथों को देखता रहा। इतनी निजी बातें पढ़ने का guilt, फिर अंत में कुछ भी हाथ ना आने का अहसास, और उसके बाद इतना कुछ मिल गया का सुख – और इन सबके बाद भी – इतना human कुछ पढ़ने की झुरझुरी अभी भी शरीर पर महसूस हो रही है। कितना कुछ लिखा जा सकता है इस बारे में पर हमारे शब्द कितने झूठे है। हमारा कुछ लिखना, एक भी शब्द कितना थोथला है और ये लिखते लिखते – ये कितना निरर्थक है। कितना झूठ है मेरा खुद को देखना इसके comparison में।

Aphorisms by Kafka | Truth Bombs!

Aphorisms by Kafka | Truth Bombs!

From a certain point on, there is no more turning back. That is the point that must be reached. Franz Kafka (Aphorisms) मुझे बहुत पसंद है जब मैं सुबह उठुं और कुछ भी करने से पहले मेरे मन में हो कि यार वो किताब complete करनी है। जो किताबें बांध कर रख पाएं – उनका…

Kafka’s Abandoned Fragment’s Quotes

Kafka’s Abandoned Fragment’s Quotes

We construct quite useless war machines, towers, walls, curtains of silk, and we might wonder a lot about that if we had the time. And remain suspended in the air, we don’t fall, we flutter, even though we’re uglier than bats. And now hardly anyone can prevent us from saying on a beautiful day: ‘Oh Lord, it’s a beautiful day today.’ For already we are settled in on this earth, and we live on the basis of our consent.