Everything Everywhere All at Once | What It Means to be Human? | Ekchaupal

Everything Everywhere All at Once | What It Means to be Human? | Ekchaupal

कोई कहता है There are only few specks of time where everything makes sense और मैं इस फ़िल्म को बनाने वालों को शुक्रिया कहती हूँ आँसुओं के बीच। साथी यह फ़िल्म जब अपने अंतिम क्षणों में होती है तो लगता है यह वही सब बातें हैं जो हम जानते हैं हमेशा से सुनते हैं लेकिन फिर भी फिर भी हमें उन्हें फिर से अलग अलग ज़रिए से एक पूरी यात्रा करके दोबारा सुनना ज़रूरी होता है अलग अलग कॉन्टेक्स्ट में जिससे हर बार वही अर्थ किसी नए तरीके से हमें मिलता है… वो क्षण when it all makes sense।

Happy Together & Curse of Iguazu Falls | Wong Kar-Wai | EkChaupal

Happy Together & Curse of Iguazu Falls | Wong Kar-Wai | EkChaupal

कहते हैं Iguazu Falls शाप हैं। जहां प्रेमी अनंत तक गिरते रहते हैं। प्रेम में तलहटी छूना चाहोगे प्रेमी? तुमने देखा है प्रेम में लोगों को संबंध की तलहटी छूते हुए? नहीं देखा। तो Wong Kar-Wai की Happy Together देखना।

The Truman Show | Running From Eternity

The Truman Show | Running From Eternity

मन काफी समय से किसी अस्थिर अणु की भाँति इधर उधर फुदक रहा था.. बहुत समय से कुछ अच्छा पढ़ा या देखा नहीं था। पढ़ने के अनुकूल वातावरण था नहीं तो कुछ देखने का निश्चय किया। “The Truman Show” देखनी है यह यह बात दिमाग में चिपकी पड़ी थी तो बैठ गई देखने। मुख्य किरदार “Jim Carrey” निभा रहे हैं इस बात से वाकिफ़ थी। इनको “The Mask” और “Liar Liar” जैसी बेहतरीन हास्य फिल्मों में देखा था पहले। यह फ़िल्म 1998 में आई थी और इसे देखने के बाद बस एक ही बात मन में आयी की यह फ़िल्म सच में जीवन में मरने से पहले एक बार तो देख ही लेनी चाहिए।

I’m Thinking of Ending Things | It will blow your mind!!

I’m Thinking of Ending Things | It will blow your mind!!

तो भाईसाब, ये जो पिक्चर है I’m Thinking of Ending Things – ये दिमाग खोल देगी। इमेजिनेशन, कहानी, डायरेक्शन, एक्टिंग, सिनेमेटोग्राफी, meaning, relatibility, बातें, absurdity, life, loneliness, continuos shots, human, creativity और ना जाने किन किन मामलों में।

Revolutionary Road | Dreams, Life & Them

Revolutionary Road | Dreams, Life & Them

फ़िल्म को देख मन में कितनी ही बार यह सवाल आता है कि क्या सच में हमारे खालीपन और निराशा से भागा जा सकता है? और अगर हम भाग भी लेते हैं तो जहाँ ठहरेंगे वहाँ खालीपन और निराशा नहीं होगी यह बात कितनी निश्चितता से कही जा सकती है। यह सब सोचते हुए मानव कौल की लिखी एक बात भीतर कहीं गूँजने लगती है “किसी के चुनते ही जो नहीं चुना वह दिमाग में रह जाता है और जो चुन लिया वह हमारे थके हुए जीवन का हिस्सा बन जाता है।”

Her | Irony of Loneliness

Her | Irony of Loneliness

“Her” – 2013 में Spike Jonze के निर्देशिन में बनी इस फ़िल्म को 86th Academy Awards में Best Original Screenplay का अवार्ड मिला और 2016 में इसे 84th greatest film since 2000 का दर्जा दिया गया 177 फ़िल्म critics के द्वारा।

In The Mood For Love | Something Beyond Words

In The Mood For Love | Something Beyond Words

हम संवादों के पीछे पागल हैं। इस कदर पागल कि उसमें जरा सी भी चुप्पी की गुंजाईश दिखते ही घुटन की भविष्यवाणी कर कोई ना कोई निरर्थक शब्द को बीच में ले आकर खुद को बचा लेते हैं। लेकिन अक्सर, नहीं बहुत बार असल संवाद शब्दों से परे होता है। उन उठती, पड़ोस से गुजरती, टटोलती निगाहों में जितना खुद के छुए जाने का सुख है वो शब्दों में नहीं मिल पाता। और अक्सर शब्द झूठा कर देते हैं उस बात को जो हम कहना चाहते हैं।

Dekalog : Krzysztof Kieślowski | Life Changing, Mesmerizing, Otherworldy

Dekalog : Krzysztof Kieślowski | Life Changing, Mesmerizing, Otherworldy

चुप्पी का सबसे सुंदर रूप सोचो : फिर सोचो कुछ उससे भी ज्यादा सुंदर : सोचो, हर व्यक्ति सवालों के घेरे में लड़कर जीता है : जानो, चक्रव्यूह में फंसा अभिमन्यु सिर्फ महाभारत में ही नहीं होता: हर कोई अभिमन्यु है अपने जीवन का : ईश्वर रणभूमि में होकर भी तुम्हारे युद्ध में हस्तछेप नहीं करते : वो बस देखते हैं तुम्हारी कर्मठता और तुम्हारे चुनाव।

Capernaum | Morsel of Struggle & Hope

Capernaum | Morsel of Struggle & Hope

Capernaum 2018 की एक Lebanese फिल्म है। जिसको डायरेक्ट किया है Nadine Labaki ने। Capernaum को Cannes Film Festival में 15 मिनट का standing ovation मिला था और ये अब तक की सबसे ज्यादा पैसे कमाने वाली Arabic फिल्म है। फिल्म में 12 साल के Syrian refugee child actor Zain Al Rafeea ने काम किया है। 

Nine: Dreams, Fiction, Reality and The Magic of Cinema

Nine: Dreams, Fiction, Reality and The Magic of Cinema

कुछ दिन होते हैं जब हम ये pinpoint नहीं कर पाते कि ये सपना है या हक़ीक़त। पूरा दिन ऐसा लगता है कि सपना है। सपने और असल जीववन के बीच की लकीर धूमिल (blurred) पड़ जाती है। और अगर ये कोई film बहुत भीतर तक महसूस करवा दे तो?