Raah Sangharsh Ki | Love Storiyaan | A Letter | EkChaupal

Raah Sangharsh Ki | Love Storiyaan | A Letter | EkChaupal

साथी, अभी कुछ बहुत सुंदर देखा। Love Storiyaan S01 E04 “राह संघर्ष की..” – Director-  Akshay Indikar । आँखें हल्की नम हैं, खुशी से। भीतर जैसे गर्माहस का एक गोला पिघल रहा है। यह खुशी है कुछ बहुत सुंदर देखने की। और उससे भी ज़्यादा इस बात की कि इसे किसी ने इस दुनिया में…

Awaken The Giant Within | Anthony Robbins | EkChaupal

Awaken The Giant Within | Anthony Robbins | EkChaupal

Awaken The Giant Within by Anthony Robbins. इस किताब के बारे में कहने को बहुत कुछ है लेकिन जो एक बात इसे पढ़ने के बाद बार बार मन में आती रही वो यह थी कि यह किताब जीवन में सारी अच्छी चीज़ों के प्रति – जो हमें पता होती हैं हमेशा से लेकिन हम फ़िर…

Joram | Devashish Makhija | A Letter | EkChaupal

Joram | Devashish Makhija | A Letter | EkChaupal

जोरम देखी। शरीर में सिहरन रही बहुत देर तक जब पिक्चर खतम हो गयी। हम चुप थे। सब के सब हॉल में। लोग बाहर जा रहे थे। लेकिन एक चुप्पी थी सबमें। मैं बैठी रही। मेरा दोस्त मेरे उठने का इंतज़ार कर रहा था। हॉल के एम्प्लॉयीज़ भी। पिक्चर खतम हो चुकी थी।

लेकिन दसरू तो अभी भी भाग रहा था।

Pereira Maintains – Antonio Tabucchi | A Small Story | EkChaupal

Pereira Maintains – Antonio Tabucchi | A Small Story | EkChaupal

और फिर एक दिन अचानक पेरिएरा के मन में मृत्यु का खयाल आता है। वो एक नौजवान लड़के को अपने असिस्टेंट की नौकरी पर रखता है। उस लड़के ने मृत्यु की पढ़ाई की थी और उसका काम था कि वो मशहूर साहित्यकारों और लेखकों के लिए एडवांस में श्रद्धांजलियाँ लिखकर दे ताकि जब वो अचानक से मरें तो अगले दिन अखबार में छापने के लिए उनके पास श्रद्धांजलियाँ पहले से ही तैयार हो। इससे उनका अखबार बाकी अखबारों से श्रद्धांजलियाँ देने में आगे रहेगा।

Laal Tin Ki Chhat | Nirmal Verma | EkChaupal

Laal Tin Ki Chhat | Nirmal Verma | EkChaupal

रात का एक बज रहा है। मैंने बस अभी निर्मल वर्मा की “लाल टीन की छत” (Laal Tin Ki Chhat) पढ़कर बंद करी है। विश्वास नहीं होता कि यह कहानी खतम हो गयी। मैं कुछ देर चुप बिस्तर पर ही पड़ी रही। किताब मेरी छाती और होठों के बीच किसी पुल सी लेटी हुई थी, मेरे होठों के गीलेपन से उसके किनारे भीग रहे थे और मेरी हर साँस के साथ वो ऊपर और नीचे उठ रही थी। मैं बिस्तर पर पड़ी कुछ देर तक बस गहरी साँसें लेती रही।

Badhai Do | First LGBTQ Film of Mainstream Hindi Cinema | EkChaupal

Badhai Do | First LGBTQ Film of Mainstream Hindi Cinema | EkChaupal

लेकिन इसे देखने के बाद लगा कि असल मायनों में तो यह हिंदी मेनस्ट्रीम सिनेमा की पहली lgbtq फ़िल्म है। क्यूँकि यह पहली थी जो सच में उनके के जीवन के बारे में थी। उनकी इच्छाओं, उनकी लड़ाइयों और उनके समझौतों को थोड़ा करीब से देख पाने का एक मौका। उनकी नज़र से।

Everything Everywhere All at Once | What It Means to be Human? | Ekchaupal

Everything Everywhere All at Once | What It Means to be Human? | Ekchaupal

कोई कहता है There are only few specks of time where everything makes sense और मैं इस फ़िल्म को बनाने वालों को शुक्रिया कहती हूँ आँसुओं के बीच। साथी यह फ़िल्म जब अपने अंतिम क्षणों में होती है तो लगता है यह वही सब बातें हैं जो हम जानते हैं हमेशा से सुनते हैं लेकिन फिर भी फिर भी हमें उन्हें फिर से अलग अलग ज़रिए से एक पूरी यात्रा करके दोबारा सुनना ज़रूरी होता है अलग अलग कॉन्टेक्स्ट में जिससे हर बार वही अर्थ किसी नए तरीके से हमें मिलता है… वो क्षण when it all makes sense।

Achal Mishra’s Dhuin | Second Letter | Ekchaupal.com

Achal Mishra’s Dhuin | Second Letter | Ekchaupal.com

साथी, अचल मिश्रा की dhuin देखी कल मैंने भी। देखने के बाद जब तुम्हारा पत्र आया (Dhuin | First Letter) तो मेरे आँख के कोने में एक आँसू था शायद। कोई ठीक तभी अँधेरे में मुझे युद्ध की खबर सुना के गया था और मेरे भीतर पंकज का चलना रुका नहीं था। मैंने तुमसे कहा कि समझा नहीं सकती क्या लग रहा है।

Gehraiyaan : दुनिया का सबसे बूढ़ा भूत!

Gehraiyaan : दुनिया का सबसे बूढ़ा भूत!

साथी,

कल रात गहराइयाँ देखी शकुन बत्रा की। फ़िल्म देखने के बाद गहराइयाँ शब्द से रिश्ता बदल गया। गहराइयाँ कहते हुए मन में कितनी ही परतें खुलती हैं भीतर और कितनी फ़िर भी छूट जाती अनछुई। ठीक ऐसी ही है अलीशा। कहानी जिसके इर्द गिर्द घूमती है। शायद अब तक का सबसे सुंदर किरदार शकुन का। दीपिका ने इसे जितने करीब से जिया है वो बता पाना मुश्किल है।